Ultimate thought about love-अनंत की ओर

नवम्बर की गुलाबी ठण्ड और एक “प्यार भरी कविता,अनंत की ओर” क्योंकि प्यार अगर होता है तो निरंतर चलता रहता ,समझाने पर भी रुकता नहीं। उसकी अपनी एक अलग दुनिया होती है शब्दों का बाजार होता है ख्यालों के बादल होते है आँखों में समंदर तैरता है न जाने किना कुछ है कहने को पर बोल नहीं पता है अपनी ख़ामोशी से शोर मचता है लौटआता है अपने वर्त्तमान में परअतीत उसके पीछे पीछे चलता परछाई की तरह जिससे वो कभी अलग नहीं हो पाता । …

Hindi Poem
Romantic Poem

कदमों को थाम तो लेते है

पर मन चल पड़ता है

तुम्हारे पीछे पीछे

बुलाने से भी नहीं आता

ज़िद कर बैठा है

तुम्हे मनाने की

ये कल्पना नहीं

हकीकत है एक कविता की

कल रात कुछ सुकून के पल मेरे घर आए थे
कल रात कुछ सुकून के पल मेरे घर आए थे

दूर तक जा कर

शब्दों को बटोरता है

भरता है अपने मन में

हाथों को तो थाम लेता है

पर कलम चल पड़ती है

धीरे धीरे

Hindi Poem on love
तुम्हारी शिकायत
तुम्हीं से लगानी है

कागज़ के टुकड़े पर

एक संसार बनाता है

समंदर से गहरा

अपना प्यार बनता है

ख्यालों में डूब जाता है

मोती ढूंढ के लाता है

फिर एक कविता बनाता है

रोक लेता है ख़ुद को

तेरी चौखट पर

पर दिल अब भी

दरवाज़ा खटखटाता है

कोई आवाज़ नहीं आती

चारों तरफ सन्नाटा है

बस धड़कनों का शोर है

थमे थमे से कदम

और दौड़ती आशा

क्या यही है

प्यार की परिभाषा

एक कागज़ का टुकड़ा

सब कुछ सहता रहा

में तो थम गया

पर मन चलता रहा

तुम्हारे पीछे पीछे

एक अनंत अंत की ओर …..

Poem On Universe
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